ये हमारे देश के न्यूज़ चैनलों को रह हर कर हो क्या जाता है. ससुरे कोई भांग-वांग या बाबा रामदेव की बतायी कोई जड़ी-बूटी तो ट्राइ नहीं कर लेते. साला हर कोई पुरानी भसड़ को भूल कर नयी शुरुआत करता है लेकिन हमारे हिंदी न्यूज़ चैनल तो भविष्य की ओर का रास्ता बंद कर वापस भूतकाल की ओर निकल रिए हैं. अब देखिए ना पिछले कुछ साल से टीआरपी लिस्ट में ऊपर पहुंच चुका न्यूज़ नेशन नाम का चैनल रेलवे स्टेशन पर भूतों का बसेरा दिखा रिया है तो टीआरीप लिस्ट में त्रिशंकु की तरह लटका आईबीएन बगदादी का नेकलेस बम दिखा रिया है. मतलब इतनी पक्की खबर इन्हें मिलती कहां से है. मुझे तो लग रिया है कि न्यूज़ नेशन वालों के रिपोर्टरों में से एक-आध की तो भूत नगरी में सीधा सोर्स है. और इधर आईबीएन वालों को तो रोज़ सीधे बगदादी ही रिपोर्ट भेजता है. कसम से मियां गदर काट रखा है भाई लोगों ने
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