सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

जुलाई, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सलमान खान शिकार स्पेशल - 5

सलमान खान शिकार स्पेशल - 4

सलमान खान शिकार स्पेशल - 3

सलमान खान शिकार स्पेशल - 2

सलमान खान शिकार स्पेशल - 1

सीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने पर शीला दीक्षित ने क्यों खड़े किए हाथ

शीला ने क्यों की सोनिया गांधी से राहुल गांधी की शिकायत

शीला दीक्षित ने मीडिया के सामने क्यों पकड़े कान

जब राहुल गांधी से शीला दीक्षित ने अहसान करने को बोला

स्वच्छ फेसबुक अभियान, कृपया खुले में शौच ना करें

जब राहुल गांधी ने मारा शाहरुख खान की फ़िल्म का डायलॉग

तो भइया हुआ कुछ यूं कि भाई साब पहुंचे उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में, तेवर तो बिल्कुल झांसी की रानी वाले लग रहे थे तो एक खुली जगह देखते ही चौपाल लगा ली, एसपीजी वाले और राहुल के कुछ चेले चमाटे आस-पास के गांव से कुछ लोगों को खींच लाए, अब कैसे खींच लाए भगवान जानता है या फिर राहुल बाबा के चेले चमाटे. राहुल गांधी ने हाल चाल पूछा तो गांव वालों ने उल्टा उन्हीं से पूछ लिया कि छुट्टियां कैसे बीतीं, रागा बाबा ने मुस्कुरा कर जवाब दिया अरे मैं देश से दूर था लेकिन आप लोग तो मेरे दिल में बसते हैं, वहां भी आपकी याद आ रही थी, तभी पीछे से किसी की आवाज़ आयी हां जिसके बारे में पता हो कि नहीं मिलने वाला... यानि वोट तो उसकी बहुत याद आती है, ससुरी पीछा छोड़ती ही नहीं है... तभी राहुल के एक चमेटा चिल्लाया.. ऐ कौन बोला... कौन बोला... चुप कर... खैर बात आगे बढ़ी... और वहां पहुंच गयी जहां इस ऐतिसाहिक फोटो को खींचा गया, बाबा ने रास्ते भर गाड़ी में शाहरुख खान की फिल्म मैं हूं ना देखते हुए टाइम पास किया था तो फौरन डायलॉग मारा चिंता मत कीजिए... कांग्रेस की नाव मेरे हाथ में है.. मैं हूं ना... बस तभी वहां के...

तेरा तेरा तेरा तेरा तेरा सूरूर हिमेस भाई

अर्ज़ किया है - डब्बे में डब्बा..डब्बे में खरगोस..हिमेस ने मुँह खोला..public बेहोस !! मुँह खोलें तो ज़हर हैं..बंद रखें तो कहर हैं !! जनाब body की building खड़ी कर के आप से तू पर आ गये हैं..लेकिन चेहरे के हाव भाव.. वहीं के वहीं हैं..  मतलब शृंगार..हास्य..करुण..रौद्र..शां त..वीर..भयानक..वीभत्स..हर रस में एक ही रंग था भाई के चेहरे पे...और heroine भी अपनी टक्कर की ढूँढ के लाए..भावशून्य ग़रीबों की कटरीना कैफ़ कम नरगिस फाख़्री ..मतलब बंदी इतनी bimbo दिखाई है कि musician है और 6-8 महीने पुराने FB fraannd..जिस से उस ने एक बार भी phone पे बात तक नहीं की..उस के बुलाने पर..Dublin में India day पर perform करने अकेले चली जाती है..वहाँ जा कर झूठे drug case में फँस जाती है और उसे जेल जा कर पता चलता है कि वहाँ India Day मनाया ही नहीं जाता... बहन थोड़ा google ही कर लेती..माना हम इश्क़ में अक्ल से अंधे और दिमाग से पूरी तरह अपाहिज हो कर हद दर्जे की बेवकूफ़ियाँ करते हैं..पर ये तो इश्क़ भी नहीं था...ख़ैर..bimbo बेवकूफ़ी नहीं करती तो आशिक़ पति (बचपन में चाय बेचने वाला..माँ की बीमारी ...

और कुछ इस तरह सऊदी अरब में मौजूद समर्थकों ने ज़ाकिर नाईक को वतन वापसी से रोक लिया

ज़ाकिर नाईक का नाम तो सुना ही होगा आपने... अरे वही ज़ाकिर जिन्हें गणेश को भगवान मानने के लिए सबूतों की ज़रूरत है... जिन्हें राम को भगवान मानने पर आपत्ति है.. जिन्हें मूर्तिपूजा में पिछड़ापन दिखता है.. जिन्हें इस्लाम जैसा कोई और धर्म लगता ही नहीं है.. तो भाई जब भारत में उनकी लंका में आग लगी तो बेचारे सऊदी अरब में ही फंस गए... डर के मारे वापस ही नहीं आए... खबरें तो ऐसी ही आयीं.. लेकिन असल वजह ये नहीं है... हकीकत में सऊदी अरब में उनके लाखों फैन हैं... जो उनकी बातों को सुनते हैं.. उन पर यकीन करते हैं... उनको फॉलो करते हैं... उन्होंने ज़ाकिर नाईक को आने से रोक दिया... दूसरे धर्म का एक शख्स वहीं से गुज़र रहा था तो उसने फोटो खींची और बकवास न्यूज़ को भेज दी... तस्वीर में आप भी देख सकते हैं कि तरह ज़ाकिर नाईक के समर्थकों ने उन्हें घेर रखा है... छोटे-बड़े, बच्चे और बूढ़े सबने ज़ाकिर का रास्ता रोक लिया और कहा कि नहीं आप भारत मत जाइए... वहां क्या रखा है.. वहां गरीबी है... डोंगरी के एक छोटे से ऑफिस से आप अपने पीस टीवी के प्रोग्राम्स का प्रोडक्शन करते हैं... यहीं रह जाइए.. जगह की कमी नही...

एक रूमाल ने छीना स्मृति ईरानी से मानव संसाधन विकास मंत्रालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करती हुईं स्मृति ईरानी दरअसल मानव संसाधन विकास मंत्री का पद गंवाने की असली वजह खुद स्मृति ईरानी ही हैं, इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत हुई एक रूमाल से, ये तो सब जानते हैं कि अपनी तुलसी कितनी गुणी हैं, किसी को भी निराश नहीं करती, सब इनके व्यवहार से खुश रहते हैं, बस छोटी से गलती उनसे ये हो गयी कि अपनी चचिया सास को उन्होंने नाराज़ कर दिया. और उनके बगैर पूछे एक रूमाल की कढ़ाई कर ली. कढ़ाई बड़ी अच्छी हो गयी थी. तभी बा ने उन्हें आवाज़ दे दी. बा की आवाज़ सुनकर तुलसी यानि की अपनी स्मृति भागी भागी उन तक पहुंची. बा के जोड़ों में दर्द हो रहा था. तभी इधर ट्विस्ट आ गया.. मतलब तुलसी के जेठ जी वहां पहुंच गए जहां स्मृति ने रूमाल को कढ़ाई के बाद रखा था. रूमाल देखते ही वो फ्लैश बैक में पहुंच गए. जब उनकी दुकान पर आए शर्मा जी ने कहा था कि पीएम साहब रैली करने आ रहे हैं गर्मी बहुत है इसलिए अच्छे रूमाल की तलाश है. फिर क्या था जेठ जी के शरीर में जहां कहीं भी बांछे थीं वो खिल उठी. रूमाल लेकर वो फौरन शर्मा जी के पास पहुंच गए शर्मा जी अपना वेस्पा स्कूटर स्टार्ट ही कर रहे थ...