तो भइया हुआ कुछ यूं कि भाई साब पहुंचे उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में, तेवर तो बिल्कुल झांसी की रानी वाले लग रहे थे तो एक खुली जगह देखते ही चौपाल लगा ली, एसपीजी वाले और राहुल के कुछ चेले चमाटे आस-पास के गांव से कुछ लोगों को खींच लाए, अब कैसे खींच लाए भगवान जानता है या फिर राहुल बाबा के चेले चमाटे.
राहुल गांधी ने हाल चाल पूछा तो गांव वालों ने उल्टा उन्हीं से पूछ लिया कि छुट्टियां कैसे बीतीं, रागा बाबा ने मुस्कुरा कर जवाब दिया अरे मैं देश से दूर था लेकिन आप लोग तो मेरे दिल में बसते हैं, वहां भी आपकी याद आ रही थी, तभी पीछे से किसी की आवाज़ आयी हां जिसके बारे में पता हो कि नहीं मिलने वाला... यानि वोट तो उसकी बहुत याद आती है, ससुरी पीछा छोड़ती ही नहीं है... तभी राहुल के एक चमेटा चिल्लाया.. ऐ कौन बोला... कौन बोला... चुप कर...
खैर बात आगे बढ़ी... और वहां पहुंच गयी जहां इस ऐतिसाहिक फोटो को खींचा गया, बाबा ने रास्ते भर गाड़ी में शाहरुख खान की फिल्म मैं हूं ना देखते हुए टाइम पास किया था तो फौरन डायलॉग मारा चिंता मत कीजिए... कांग्रेस की नाव मेरे हाथ में है.. मैं हूं ना... बस तभी वहां के बैठे लोगों ने चैन की सांस ली और तालियां बजनी शुरु हुई, बेचारे राहुल बाबा तो गदगद हो उठे, लेकिन बाद में चेले चमाटों ने बताया कि लोगों ने उनके डायलॉग तालियां क्यों बचायी
वजह जानने के बाद राहुल गांधी थोड़े निराश हो गए, फिर मिस्टर पीके को बोला, अरे पीके... समझ गए ना आप.. तुम्हें पहले ही कहा था मैं हूं ना फिल्म में वो बात नहीं है जो छोटा भीम में है, कम से कम उसके डायलॉग मारता तो दो चार बच्चे तो खुश हो ही जाते ना, इतना सुनने के बाद मिस्टर पीके मुंह फुला के बैठे हुए हैं


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