ये भी पढ़ें : इकोनॉमी संभालने के लिए लगाई जाएगी एनडीआरएफ की टीम इस साल मॉनसून के सीज़न में देश के अलग-अलग हिस्सों में बाढ देखने को मिली। ज़्यादा बारिश होने की वजह से लोगों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। कई निचले इलाकों में बाढ़ की वजह से घरों में रखा सारा सामान बह गया। लोगों के ज़रूरी काग़ज़ात भी बाढ़ में बह गये। इसको लेकर सरकार ने लोगों की मदद के दावे भी किए। वहीं, दूसरी तरफ़ सरकार के लिए भी ये एक मुश्किल का सबब था क्योंकि हर किसी के लिए ज़रूरी होते हैं उसके काग़ज़ात, तो वहीं, सरकार के लिए कई ज़रूरी कामों में से एक होता है GDP की ग्रोथ। लेकिन इस साल GDP ग्रोथ सबसे कम रही है। जब बकवास न्यूज़ ने इसके बारे में सरकार से पूछा तो सरकार का पक्ष रखने वाले लोगों का कहना था कि इस बार देश में ज़्यादा बारिश हुई और ज़्यादा बारिश की वजह से कई इलाकों में बाढ़ आ गयी है। बाढ़ में जहाँ लोगों के घर बह गए तो वहीं सरकार की GDP उसी बाढ़ में बह गई। ये भी पढ़ें : शक्तिमान कि मदद लेगी सरकार, संकट में आई अर्थव्यवस्था हो जाएगी एकदम से ठीक सरकार चाहती है कि जल्दी से जल्दी GDP को ढूंढा जाए। ताकि देश...
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