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मोदी के शपथ ग्रहण में आने के लिए केजरीवाल ने रखी शर्त, कांग्रेस के साथ वाली 5 कुर्सियों की मांग

ये भी पढ़ें : राहुल गांधी को धन्यवाद देने नरेंद्र मोदी और अमित शाह उनके घर जाएंगे लोकसभा चुनाव 2019 में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से नरेंद्र मोदी आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। अपने शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया है।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। सूत्रों के द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक़, शपथ ग्रहण के बाद केजरीवाल ने वहां पांच कुर्सियां लगाने की शर्त रखी है जहां कांग्रेस नेता बैठेंगे, बताया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ के बहाने कम से कम कांग्रेस नेताओं से बात तो कर पाएंगे, क्योंकि हारने के बाद भी कांग्रेस उन्हें घास तक नहीं डाल रही है, दरअसल केजरीवाल इस बहाने अभी से दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से सेटिंग की शुरूआत करना चाहते हैं वीडियो देखें : बीजेपी सांसद ने बीजेपी विधायक को जूतों से पीटा हालांकि बकवास न्यूज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ ऐसा करना संभव नहीं होगा। क्योंकि प्...

राहुल गांधी को धन्यवाद देने नरेंद्र मोदी और अमित शाह उनके घर जाएंगे

वीडियो देखें : बीजेपी सांसद ने बीजेपी विधायक को जूतों से पीटा भाजपा ने अपना क़िला  बचा लिया है। केंद्र की गद्दी पर दोबारा से भारतीय जनता पार्टी के नेता बैठेंगे।23 मई को नतीजों के बाद साफ़ हो गया कि प्रधानमंत्री दोबारा से नरेंद्र मोदी की ही बन रहे हैं। इसको देखते हुए पार्टी कैडर में ख़ुशी का माहौल है तो वहीं दूसरी तरफ़ विपक्ष में हताशा छायी हुई है। भारतीय जनता पार्टी के सभी नेता इस जीत से बेहद ख़ुश हैं। ख़ुशी मनाने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह बैठे तो उन्हें पार्टी की जीत की भूमिका के बारे में बात थी इसके बारे में सबसे ऊपर नाम आया राहुल गांधी का था। सूत्रों की मानें तो दोनों का ऐसा मानना था कि भारतीय जनता पार्टी के जीतने में राहुल का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है । सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी की मीटिंग में इस बात के बारे में चर्चा की गई कि उनकी जीत में राहुल गांधी ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। विपक्ष में होने के बावजूद राहुल गांधी ने जनता की उन मुद्दों को नहीं उठाया है जिन पर जनता सीधे सीधे भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ...

EVM विवाद पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, EVM सुरक्षा बल का होगा गठन

ये भी पढ़ें : अब EVM से नहीं WWE की तरह चुनाव आयोग कराएगा चुनाव, वोटिंग से नहीं पटका-पटकी से होगा विजेता का फैसला लोकसभा चुनाव 2019 के लिए वोटिंग खत्म हो चुकी है। अब सबको नतीजों का इंतजार है। नतीजों से पहले एग्जिट पोल ने विपक्ष की नींद उड़ा दी है तो वहीं सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल खुशी मना रहे हैं। वहीं, इसी बीच चुनाव आयोग चर्चा का विषय बना हुआ है। पूरे देश में चुनाव आयोग के बारे में चर्चा की जा रही है। वजह है विपक्ष ने चुनाव आयोग पर हल्ला बोल दिया है। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए ईवीएम पर सवाल उठाया है। ईवीएम पर चुनाव आयोग गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहा है।  विपक्ष को चुनाव आयोग पर पहले से भरोसा नहीं रहा। कई बार आरोप लगाता रहा है। लेकिन, अब विपक्ष ने ईवीएम को निशाने पर लिया है। विपक्ष ने ईवीएम पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि ईवीएम को हैक किया गया है और इससे भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी यों को फायदा मिला है। ये भी पढ़ें : बंगाल का चुनाव रद्द कर सकता है चुनाव आयोग, एक सीट पर हिंसा नहीं होने की मिली है रिपोर्ट वीडियो...

अब EVM से नहीं WWE की तरह चुनाव आयोग कराएगा चुनाव, वोटिंग से नहीं पटका-पटकी से होगा विजेता का फैसला

ये भी पढ़ें : बंगाल का चुनाव रद्द कर सकता है चुनाव आयोग, एक सीट पर हिंसा नहीं होने की मिली है रिपोर्ट वीडियो देखें : बीजेपी सांसद ने बीजेपी विधायक को जूतों से पीटा लोकतंत्र में चुनाव उतना ही जरूरी होता है जितना एक मनुष्य को जीने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। लेकिन, अगर यह चुनाव ठीक से ना हो तो लोकतंत्र खतरे में आ जाता है और इसकी सीधी जिम्मेदारी आती है चुनाव आयोग पर, क्योंकि भारत में चुनाव कराने की पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में हमने देखा जिस तरीके से चुनाव आयोग पर सभी पार्टियों के नेताओं ने आरोप लगाए। पक्ष से लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग को नहीं बख्शा। सभी ने एक सुर में कहा चुनाव आयोग गलत कर रहा है। चुनाव आयोग का सीधा सीधा नाम लेते हुए कई नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता। इस पूरी प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग को समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें। क्योंकि इतनी कड़ी मेहनत के बाद भी चुनाव आयोग ने जो भी कुछ किया उस पर नेताओं ने पानी फेर दिया। कोई भी नेता चुनाव आयोग से खुश नहीं है। ये भी पढ़ें : चुनाव नतीजो...

बंगाल का चुनाव रद्द कर सकता है चुनाव आयोग, एक सीट पर हिंसा नहीं होने की मिली है रिपोर्ट

वीडियो देखें : बीजेपी सांसद ने बीजेपी विधायक को जूतों से पीटा ये भी पढ़ें : Exit पोल को केजरीवाल ने बताया गलत, कहा - देख लेना अबकी बार केजरीवाल सरकार लोकसभा चुनाव 2019 खत्म होने को है। रविवार को साथ में सातवें दौर का मतदान खत्म हो गया है। इस दौरान पश्चिम बंगाल और पंजाब में वोटिंग हुई इस दौरान लोगों ने बढ़-चढ़कर चुनाव में भाग लिया। नई सरकार बनेगी या पुरानी नेताओं के लिए लोगों ने जमकर वोट किया। लेकिन, इसी बीच खबर आ रही है कि चुनाव आयोग बंगाल में चुनाव को रद्द कर सकता है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। चुनाव आयोग एक राज्य में चुनाव को कैसे रद्द कर सकता है! यह सोचने में भले ही अटपटा लगे। लेकिन इसी तरीके की खबरें चुनाव आयोग के भीतर से आ रही हैं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव को लेकर खुश नहीं है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि चुनाव के दौरान बंगाल में एक सीट पर हिंसा नहीं हुई। जिसको लेकर चुनाव आयोग भी हैरान है। चुनाव आयोग को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि बंगाल में  एक सीट पर शांति के साथ चुनाव कैसे हो सकता है। ये ...

आचार संहिता का पालन करने वाले नेता को चुनाव आयोग का नोटिस

वीडियो देखें : बीजेपी सांसद ने बीजेपी विधायक को जूतों से पीटा पूरे देश भर में चुनाव का माहौल चल रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग अलग तारीख को वोट डाले जा रहे हैं। इसी बीच देखा गया कि जनता को लुभाने के चक्कर में कई नेताओं की जुबान फिसल गई और वो अनाप-शनाप कहने लगे। इसके बाद कई नेताओं पर चुनाव आयोग की तरफ से बैन भी लगाया गया। कई नेताओं ने आचार संहिता का पालन नहीं किया, जिसके बाद चुनाव आयोग को नोटिस देना पड़ा। लेकिन कुछ ऐसे भी नेता हुए, जिन्होंने इतिहास रच दिया। सूत्रों से पता चला है कि चुनाव आयोग ने एक ऐसे नेता को भी नोटिस भेजा जिसने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया। आप सोच कर हैरान रहे हो हैरान हो रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। आखिरकार चुनाव आयोग ऐसा कैसे कर सकता है। क्योंकि चुनाव आयोग की लिस्ट में ऐसा कोई नेता बचा ही नहीं था जिसे चुनाव आयोग ने अपनी तरफ से नोटिस भेजा हो। देखते ही देखते लगातार चुनाव आयोग नेताओं को नोटिस भेज रहा था, वजह थी नेता कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन कर रहे थे। ये भी पढ़ें : ज़हरबुझा भाषण ना देने की वजह से टिकट मिले उम्मीदवार को हटाया, पार्टी ने उतारा ...