ये भी पढ़ें : बंगाल का चुनाव रद्द कर सकता है चुनाव आयोग, एक सीट पर हिंसा नहीं होने की मिली है रिपोर्ट
लोकतंत्र में चुनाव उतना ही जरूरी होता है जितना एक मनुष्य को जीने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। लेकिन, अगर यह चुनाव ठीक से ना हो तो लोकतंत्र खतरे में आ जाता है और इसकी सीधी जिम्मेदारी आती है चुनाव आयोग पर, क्योंकि भारत में चुनाव कराने की पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होती है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में हमने देखा जिस तरीके से चुनाव आयोग पर सभी पार्टियों के नेताओं ने आरोप लगाए। पक्ष से लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग को नहीं बख्शा। सभी ने एक सुर में कहा चुनाव आयोग गलत कर रहा है। चुनाव आयोग का सीधा सीधा नाम लेते हुए कई नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता। इस पूरी प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग को समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करें। क्योंकि इतनी कड़ी मेहनत के बाद भी चुनाव आयोग ने जो भी कुछ किया उस पर नेताओं ने पानी फेर दिया। कोई भी नेता चुनाव आयोग से खुश नहीं है।
ये भी पढ़ें : चुनाव नतीजों से पहले नेताओं के बच्चों ने दी धमकी, कम वोट आए तो देख लेना
ये भी पढ़ें : Exit पोल को केजरीवाल ने बताया गलत, कहा - देख लेना अबकी बार केजरीवाल सरकार
ये भी पढ़ें : चुनाव खत्म होने के बाद दोस्त ढूंढ रहे हैं, एक बार फिर दोस्ती का बहाना
ये भी पढ़ें : आचार संहिता का पालन करने वाले नेता को चुनाव आयोग का नोटिस
ये भी पढ़ें : बोलना था सैम पित्रोदा मुर्दाबाद, बीजेपी कार्यकर्ता नारा लगाते रहे संबित पात्रा मुर्दाबाद
Disclaimer - बकवास न्यूज़ पर लिखी या दिखायी गयी किसी भी सामग्री का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ व्यंग्य या कटाक्ष करना है, ना कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, अगर हमारे लेखों, वीडियो, तस्वीरों से किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचती है तो बकवास न्यूज़ उसके लिए क्षमाप्रार्थी है, बकवास न्यूज़ किसी भी स्तर पर धर्म, जाति या रंग के आधार पर भेदभाव का समर्थन नहीं करता है, इस पर डाली गयी सामग्री को सिर्फ व्यंग्य या कटाक्ष के तौर पर ही देखा और समझा जाए : टीम बकवास
©BakwasNews



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें