अर्ज़ किया है -
डब्बे में डब्बा..डब्बे में खरगोस..हिमेस ने मुँह खोला..public बेहोस !!
मुँह खोलें तो ज़हर हैं..बंद रखें तो कहर हैं !!
जनाब body की building खड़ी कर के आप से तू पर आ गये हैं..लेकिन चेहरे के हाव भाव.. वहीं के वहीं हैं..
मतलब शृंगार..हास्य..करुण..रौद्र..शां त..वीर..भयानक..वीभत्स..हर रस में एक ही रंग था भाई के चेहरे पे...और heroine भी अपनी टक्कर की ढूँढ के लाए..भावशून्य ग़रीबों की कटरीना कैफ़ कम नरगिस फाख़्री ..मतलब बंदी इतनी bimbo दिखाई है कि musician है और 6-8 महीने पुराने FB fraannd..जिस से उस ने एक बार भी phone पे बात तक नहीं की..उस के बुलाने पर..Dublin में India day पर perform करने अकेले चली जाती है..वहाँ जा कर झूठे drug case में फँस जाती है और उसे जेल जा कर पता चलता है कि वहाँ India Day मनाया ही नहीं जाता...
बहन थोड़ा google ही कर लेती..माना हम इश्क़ में अक्ल से अंधे और दिमाग से पूरी तरह अपाहिज हो कर हद दर्जे की बेवकूफ़ियाँ करते हैं..पर ये तो इश्क़ भी नहीं था...ख़ैर..bimbo बेवकूफ़ी नहीं करती तो आशिक़ पति (बचपन में चाय बेचने वाला..माँ की बीमारी की वजह से बना gangster..Juvinile जेल से बाहर आ कर..सुधर कर बना देश का under cover agent) उसे बचाने Dublin कैसे जाता..हिमेस भाई Dublin ऐसे pronounce करते हैं जैसे हम public school वाले बच्चे बचपन में 'W' को mispronounce करते थे..डब्लू डब्लू डब्लिन !!..
फ़िल्म में lethal love story, सनकी villain (hoodie पहनता है..guitar बजाता है ) foreign locations (Ireland की ख़ूबसूरती बिगाड़ दी..मैं Ireland की सरकार होती तो मानहानि का केस कर देती तेरा सुरूर...मतलब तेराआ सूर्रोर पे!!)...slow motion में stunts..देशभक्ति वग़ैरह सब मसाले डाले हैं..शेखर कबीर नसीर (कपूर बेदी शाह) रूपी ब्रह्मा विष्णु महेश भी हिमेश के इस विनाश को नहीं बचा पाए हैं ! पूछने कहने बताने समझाने की तो बात ही नहीं कि ये एक illogical predictable बकवास है जो divine comedy है..
बहन थोड़ा google ही कर लेती..माना हम इश्क़ में अक्ल से अंधे और दिमाग से पूरी तरह अपाहिज हो कर हद दर्जे की बेवकूफ़ियाँ करते हैं..पर ये तो इश्क़ भी नहीं था...ख़ैर..bimbo बेवकूफ़ी नहीं करती तो आशिक़ पति (बचपन में चाय बेचने वाला..माँ की बीमारी की वजह से बना gangster..Juvinile जेल से बाहर आ कर..सुधर कर बना देश का under cover agent) उसे बचाने Dublin कैसे जाता..हिमेस भाई Dublin ऐसे pronounce करते हैं जैसे हम public school वाले बच्चे बचपन में 'W' को mispronounce करते थे..डब्लू डब्लू डब्लिन !!..
फ़िल्म में lethal love story, सनकी villain (hoodie पहनता है..guitar बजाता है ) foreign locations (Ireland की ख़ूबसूरती बिगाड़ दी..मैं Ireland की सरकार होती तो मानहानि का केस कर देती तेरा सुरूर...मतलब तेराआ सूर्रोर पे!!)...slow motion में stunts..देशभक्ति वग़ैरह सब मसाले डाले हैं..शेखर कबीर नसीर (कपूर बेदी शाह) रूपी ब्रह्मा विष्णु महेश भी हिमेश के इस विनाश को नहीं बचा पाए हैं ! पूछने कहने बताने समझाने की तो बात ही नहीं कि ये एक illogical predictable बकवास है जो divine comedy है..
फ़िल्म देखते हुए झल्लाहट का सबब देखिए कि हम असभ्य नागरिक बन गये..नियम तोड़ा और cinema hall के अंदर mobile camera का इस्तेमाल किया..पूरी फ़िल्म में किसी भी scene में हिमेस को click करते तो भाई इसी expression के साथ मिलता..झल्लाहट की एक वजह ये भी थी कि hall में यहाँ वहाँ दुबके अपनी अलग Love Sex और धोखा फ़िल्म चलाते हुए जोड़ा जोड़ी में से एक ठेठ हमारे आगे बैठा था..जिस में छोरे की बाहें बगल वाली के कंधे पर और निगाहें हम पर थी..Girlfriend के लिए popcorn लाते..यूँ ही आते जाते और बीच बीच में मुड़ मुड़ के मोढ़ा ताड़े जा रहा था..
GF ने बीच में हिमेस सी nasal आवाज़ में मध्यम स्वर में पूछा भी - "यें क्याँ बार बार पींछे मुड़ के देंख रहें हों"..लेकिन साहब तो तार सप्तक में मग्न थे..एक बार मेरा दिल किया कि उस लड़की को बोलूं कि भोली बिंदु..तेरा सुरूर बार बार पीछे मुड़ कर मुझे ताड़ रहा है..बाहर जा कर break up कर लियो..फिर मुझे लगा एक lethal love story पर्दे पे चल रही है..दूसरी पर्दे के बाहर न हो जाए..और वैसे भी हमको हिमेस की फ़िल्म बिना किसी बाधा बखेड़े बवाल के देखनी थी..तो हम ने ख़ुद ही seat बदल ली..दुनिया में कितनी बेवफ़ाई..Left Right Politics Religion Center है..और हिमेश के trash में कितना सकून..मैं तो 1st day 2nd show देख कर धन्य हो गयी..आप भी जाइए..trash की गंगा में नहा कर आइए !!
GF ने बीच में हिमेस सी nasal आवाज़ में मध्यम स्वर में पूछा भी - "यें क्याँ बार बार पींछे मुड़ के देंख रहें हों"..लेकिन साहब तो तार सप्तक में मग्न थे..एक बार मेरा दिल किया कि उस लड़की को बोलूं कि भोली बिंदु..तेरा सुरूर बार बार पीछे मुड़ कर मुझे ताड़ रहा है..बाहर जा कर break up कर लियो..फिर मुझे लगा एक lethal love story पर्दे पे चल रही है..दूसरी पर्दे के बाहर न हो जाए..और वैसे भी हमको हिमेस की फ़िल्म बिना किसी बाधा बखेड़े बवाल के देखनी थी..तो हम ने ख़ुद ही seat बदल ली..दुनिया में कितनी बेवफ़ाई..Left Right Politics Religion Center है..और हिमेश के trash में कितना सकून..मैं तो 1st day 2nd show देख कर धन्य हो गयी..आप भी जाइए..trash की गंगा में नहा कर आइए !!

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