सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

नेता ने गिनवाए प्रदूषण के फायदे, बोले-मच्छरों की मौत हुई, कई बीमारियों का हुआ खात्मा

delhi pollution on peak
नेता जी के दावे प्रदूषण की तरह तेजी से बढ़ते जा रहे हैं
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ कदम नहीं उठाए। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप किए गए। दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार पर आरोप लगा दिए तो केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। आरोप प्रत्यारोप की राजनीति के बीच जनता को प्रभावित करने वाला प्रदूषण ज्यों का त्यों बना रहा इसका कोई भी समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है। प्रदूषण पर नेताओं के तर्कों का जवाब नहीं, गलत चीज को भी सही कैसे ठहराया जाता है। तर्क को कुतर्क में कैसे बदला जाता है। यह कोई नेताओं से सीखें। प्रदूषण की वजह से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है, जीना मुश्किल हो रहा है वहीं एक नेता जी ने प्रदूषण को सही ठहराते हुए यह कह दिया कि प्रदूषण से मच्छरों की मौत हुई है और मच्छरों की मरने की वजह से कई बीमारियों का खात्मा हुआ है।

नेताजी के मुताबिक, प्रदूषण से कई तरीके की बीमारियों का खात्मा होता है। इस कारण प्रदूषण को खत्म करने के लिए सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए। क्योंकि अगर प्रदूषण खत्म हो जाता तो शहर के सारे मच्छर जिंदा रहते और अगर मच्छर जिंदा रहते तो कई बीमारियां पैदा होती। नाम ना बताने की शर्त पर इस नेता ने दावा किया कि सरकार ने जानबूझकर प्रदूषण के खिलाफ कदम नहीं उठाए क्योंकि प्रदूषण को खत्म कर देने का मतलब था कई बीमारियों को दावत देना। जैसे कि मच्छर की वजह से मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलती हैं। अगर शहर में प्रदूषण होगा तो तमाम मच्छर अपने आप मर जाएंगे और मच्छर मर जाएंगे तो मलेरिया नहीं होगा और मलेरिया नहीं होगा तो अस्पतालों में लोग नहीं जाएंगे।

delhi pollution
सर्वे के मुताबिक दिल्ली में पैदा हुए 80 फीसदी से ज्यादा बच्चे सांस की किसी ना किसी बीमारी से पीड़ित हैं
लेकिन जब दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की वजह से बीमारियां बढ़ने लगी तो नेताजी को जवाब नहीं मिला तो खुद की जिम्मेदारी को दूसरों पर टाल दिया। कहा कि दिल्ली में प्रदूषण दिल्ली वालों की वजह से नहीं, सरकार की गलत नीतियों की वजह से नहीं। यह प्रदूषण तो हरियाणा-पंजाब में जलाई जा रही पराली की वजह से फैल रहा है। हरियाणा पंजाब की सरकार उनकी मदद नहीं कर रही इसकी वजह से वह प्रदूषण रोक भी नहीं पा रहे। हालांकि नेता जी ने यह नहीं बताया कि राजधानी दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल की कारों पर बैन कब लगाया जाएगा। क्या फिर से सुप्रीम कोर्ट की फटकार लगेगी। क्योंकि अप्रैल 2015 में एनजीटी ने यह आदेश दिया था। लेकिन सरकार ने इसे नहीं माना। 3 साल बीत गए उस आदेश को और आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

delhi pollution
ज़हरीले प्रदूषण ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों का जीना मुहाल कर रखा है
जिस मुद्दे से नेताओं को वोट मिलते हैं उस मुद्दे को नेता भली-भांति उठाते हैं लेकिन जो मुद्दा उन्हें वोट नहीं दिलाता उस मुद्दे पर नेता ध्यान नहीं देते। शायद प्रदूषण का मुद्दा भी कुछ इसी तरीके का है। प्रदूषण का असर होता तो सब पर है लेकिन यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं बनता है इस वजह से दिल्ली एनसीआर की हवा प्रदूषण से भरी रहती है। उम्मीद है नेता अपनी नेतागिरी को छोड़कर जनता की तरफ ध्यान देंगे और प्रदूषण से निपटने के लिए कुछ कठिन कदम उठाएंगे

©BakwasNews

टिप्पणियाँ

Popular

200 सेल्फी के बाद भी लड़की को पसंद नहीं आई खुद की फोटो, कंपनी पर ठोका मुकदमा

प्रतीकात्मक तस्वीर  शाम का वक्त था, घर में टीवी चल रहा था सारे लोग टीवी देख रहे थे। इसी दौरान टीवी पर सेल्फी लेते एक लड़की दिखी। टीवी पर फोन के विज्ञापन में बताया कि ये फोन सेल्फी लेने में बेस्ट हैं। ये देखते ही लड़की ने फोन खरीदने का फैसला किया और अगले दिन लड़की दुकान से फोन खरीद लाई। फोन खरीदने के बाद लड़की ने अपने सारे दोस्तों को पार्टी भी दी। पार्टी  की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड भी कर दिया। फिर घर आकर खुद की सेल्फ लेने लगी। करीब चार घंटे से फोटो लेती रही। लेकिन, लड़की को कोई भी सेल्फी पसंद नहीं आई। गुस्से में दिख रही लड़की ने पहले सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली, फिर कोर्ट जाने का फैसला किया। ये भी पढ़ें : सुंदरता बनी आफत, सेक्सी होने की वजह से अभिनेत्री पर लगा बैन राजधानी दिल्ली के मायापुरी इलाके में रहने वाली सोनिया ने बकवास न्यूज से बात करते हुए बताया कि, 'उसने टीवी पर विज्ञापन देखकर फोन खरीदने को फैसला किया था। लेकिन, जो बातें बताई गई थी फोन में वो नहीं मिली। ज्यादी फीचर्स देने के नाम पर कंपनी ने उनके साथ धोखा किया है। उनसे पहले कंपनी के कस्टमर केयर में शिकायत ...

बीजेपी सांसद ने बीजेपी विधायक को जूतों से पीटा

बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी बीजेपी विधायक राकेश बघेल को जूतों से पीटते हुए  पिटाई का वीडियो नीचे है यूपी के संतकबीरनगर में बीजेपी के सांसद और बीजेपी के विधायक में जूतमपैजार हो गयी, बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी ने मेंहदावल से बीजेपी विधायक राकेश बघेल को दे जूता.. दे जूता... दे जूता.. वो भी दर्जनों लोगों के सामने, पहले दोनों के बीच बहस शुरू हुई, बहस इतनी ज्यादा बढ़ी की सांसद महोदय ने आव ना देखा ताव, पैर से जूता निकाला और बीजेपी विधायक राकेश बघेल जब तक कुछ समझ पाते तब तक ताबड़तोड़ उनके सिर पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी, विधायक राकेश बघेल पहले तो सिर पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक से हड़बड़ा गए लेकिन बाद में उन्होंने फिर मोर्चा संभाल लिया, जूते से तो नहीं लेकिन अपने हाथों से सांसद जी को थपड़ियाने की कोशिश की, एक-हाथ वो सांसद जी को मारने में कामयाब भी हुए ये भी पढ़ें : प्रियंका गांधी का रोड शो सीएम योगी ने देखा लाइव, शक था कि रैली के बहाने वाड्रा के लिए जमीन खोज रहे हैं कांग्रेसी कार्यकर्ता वीडियो देखें ये भी पढ़ें : क्रिकेट में अब हो सकता है भगवे रंग की गेंद का इस्तेमाल, योगी ने की मा...

कांग्रेस से गठबंधन के लिए अरविंद केजरीवाल करेंगे भूख हड़ताल

सीएम केजरीवाल पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए अनशन करने वाले थे लेकिन बाद में अनशन रद्द कर दिया ये भी पढ़ें : मौसम को देखकर केजरीवाल ने मूड बदला, बोले पकौड़े खाने के मौसम में भूख हड़ताल नहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार केजरीवाल के सुर्खियों में आने की वजह है उनके द्वारा एक बार फिर अनशन की घोषणा करना। बताया जा रहा है कि केजरीवाल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना चाहते हैं, जिसकी वजह से उन्होंने अनशन करने का फैसला किया है। लेकिन,अब केजरीवाल ने अनशन का फैसला टालते हुए एलान किया है कि वो अब अनशन दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए नहीं बल्कि कांग्रेस से गठबंधन ना होने की वजह से करने वाले हैं।   ये भी पढ़ें : 10 लाख में बिकेगा सर्दी की जानकारी देने वाला केजरीवाल का मफलर, लंदन के म्यूजियम में रखा जाएगा दरअसल, धरने और अनशन करने के बाद ही अरविंद केजरीवाल अपने शुरुआती दिनों में सुर्खियों में आए थे, जिसके बाद वह एक समाजसेवी बने और समाजसेवी से वो नेता बने और नेता से बन गए मुख्यमंत्री। मुख्यमंत्री के बन...

VIDEO - जूता कांड के बाद मीटिंग में कैमरा देखते ही डर गयीं रीता बहुगुणा

बीजेपी नेता रीता बहुगुणा मीटिंग में कैमरा देखते ही भड़क गयीं  ये भी पढ़ें : तो इसलिए बीजेपी सांसद ने बीजेपी विधायक को जूतों से पीटा था बीजेपी सांसद द्वारा बीजेपी विधायक की पिटाई वाले जूता कांड का खौफ किस कदर बीजेपी नेताओं में इसका नज़ारा उनकी बैठकों में दिख रहा है, यूपी में बीजेपी नेता राती बहुगुणा की अध्यक्षता में एक बैठक चल रही थी, पत्रकार बैठक को कवर करने पहुंचे थे, ज़ाहिर है कैमरा भी साथ होगा लेकिन कैमरा देखते ही बीजेपी नेताओं का गुस्सा बढ़ गया, रीता बहुगुणा तो इतनी नाराज़ हुईं की उन्होंने डांटना शुरू कर दिया कि मीटिंग के भीतर कैमरा लेकर कोई कैसे आ गया, नीचे वीडियो देखें तो आपको साफ पता चल जाएगा कि इन पर कैमरे का खौफ कितना ज्यादा हो गया है ये भी पढ़ें : प्रियंका गांधी का रोड शो सीएम योगी ने देखा लाइव, शक था कि रैली के बहाने वाड्रा के लिए जमीन खोज रहे हैं कांग्रेसी कार्यकर्ता ये भी पढ़ें : क्रिकेट में अब हो सकता है भगवे रंग की गेंद का इस्तेमाल, योगी ने की मांग टेस्ट मैच भगवा रंग की बॉल से खेले जाएं दरअसल संतकबीर नगर में बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी ने बीजेपी विधाय...