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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
साल 2019 लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारी करनी शुरू कर दी है। टिकटों को लेकर नेताओं में अभी से जोड़-तोड़ शुरू हो चुका है। इसी बीच सभी पार्टियों के लिए एक मुसीबत खड़ी हो गई है। ये नई मुसीबत आई है देश के मूर्खों की ओर से। देश के मूर्खों ने इलेक्शन सीटों में 20 फीसदी आरक्षण की मांग की है। अगर ये मांग पूरी हो जाती है तो आने वाले लोकसभा चुनाव में 20 फीसदी मूर्ख नजर आएंगे। लेकिन, अभी ये संभव नजर नहीं आ रहा है। लेकिन, क्योंकि मोदी सरकार अभी इस मुद्दे से बचती नजर आ रही है। मोदी सरकार नहीं चाहती कि इस मुद्दे को ज्यादा हवा दी जाए।
बकवास न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम को यूपी के इलाहाबाद में मूर्खों की एक बैठक हुई। इस बैठक में सभी पहलुओं के बारे में बात की गई। नाम ना बताने की शर्त पर मूर्खों के एक नेता ने बकवास न्यूज को बताया कि वो देश एक नया विकल्प देना चाहते हैं। देश में मूर्खों की संख्या काफी है। इसलिए वो चाहते हैं कि मूर्खों का कोई नेता बनें और संसद में पहुंचे। नेता का कहना था कि मूर्खों की कोई सुनता नहीं है अगर मूर्खों के नेता संसद में पहुंचेंगे तो उनकी भी सुनी जाएगी।
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वहीं, दूसरे पार्टियों के नेता इस मुद्दे पर बचते नजर आ रहे हैं। एक नेता ने बताया कि उनकी पार्टी में भी मूर्खों की कमी नहीं है। अगर इस तरह के हालात बनते हैं तो वो अपने मूर्ख नेताओं को वोट देंगे। अब देखना होगा कि क्या मूर्खों को इलेक्शन सीटों में 20 फीसदी आरक्षण दिया जाता है या नहीं। अगर सरकार ने मूर्खों की बात नहीं मानी तो क्या कोई आंदोलन किया जाएगा। इस पूरे मामले पर बनी रहेगा बकवास न्यूज की नजर आप बनें रहें हमारे साथ
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