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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
देश में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने गठबंधन बनाने का ऐलान किया है, जिससे महागठबंधन का नाम दिया गया है। इस महागठबंधन में देश की कई बड़ी पार्टियां शामिल हैं। इस बात की चर्चा अखबारों से लेकर टेलीविजन की सुर्खियों तक में हैं। वहीं, इसी को देखते हुए स्कूली छात्रों ने भी टीचर के खिलाफ गठबंधन बनाने का ऐलान कर दिया है। इसके पीछे छात्रों ने वजह बताई कि उनके टीचर उन्हें ज्यादा होमवर्क देते हैं, जिसकी वजह से सारे छात्र इकट्ठा होकर टीचरों के खिलाफ रैली कर रहे हैं। होमवर्क ज्यादा मिलने की वजह से बड़ी संख्या में छात्रों ने टीचरों के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया गया।
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रैली में छात्रों ने नारे तो लगाए ही, साथ ही बड़े-बड़े पोस्टर भी लिखे हुए थे। जिन पर लिखा हुआ था, "हमें टीचरों से बचाव, हमें टीचरों से इंसाफ दिलाओ।" यह रैली काफी लंबी थी। बताया जा रहा है कि करीब 1000 से ज्यादा बच्चों ने इस रैली में भाग लिया। वहीं, इस रैली में पुलिस वालों ने भी बच्चों का साथ देते हुए पूरी तरीके से ट्रैफिक पर काबू किया।
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जब स्कूल के प्रिंसिपल ने बच्चों को रोकने की कोशिश की तो एक छोटे बच्चे का कहना था कि उन्हें देश में बोलने की आजादी है। उनकी अभिव्यक्ति की आजादी को रोका नहीं जा सकता। अगर प्रिंसिपल ऐसा करते हैं तो वह आर्टिकल 19 का उल्लंघन कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें कानून का सामना करना होगा। छोटे से बच्चे के मुंह से बड़ी बात सुनकर प्रिंसिपल वहीं बैठ गया।
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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
वहीं, इस मामले में जब बकवास न्यूज़ ने स्कूल के प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की तो उनका कहना था कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि यह छोटे बच्चे इतनी बड़ी बातें कैसे कह सकते हैं। प्रिंसिपल के मुताबिक, वह बच्चों का भविष्य बनाने के लिए ही उन्हें पढ़ाते हैं और उन्हें ज्यादा होमवर्क देते हैं। लेकिन यह बच्चे अभी नादान है नासमझ हैं। इसी वजह से हम इस तरीके की हरकत कर रहे हैं।
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बकवास न्यूज़ से बात करते हुए एक छोटे बच्चे ने कहा कि एक तरफ तो सरकार कहती है कि बच्चे देश का भविष्य हैं। वहीं, दूसरी तरफ बच्चों पर बस्ते में किताबों का वजन डाला जा रहा है। जिसकी वजह से उनकी हाइट नहीं बढ़ रही। साथ ही टीचर इतना होमवर्क दे देते हैं कि वह खेलकूद भी नहीं पाते हैं। बच्चों का कहना था कि वह चाहते हैं कि उन्हें खेलकूद में भी समय मिले। इसी वजह से वह यह रैली निकाल रहे हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस रैली की वजह से टीचरों में कुछ दहशत आएगी और वह कम होमवर्क देंगे। अभी देखना होगा कि क्या टीचर बच्चों की मांगों को मान पाते हैं या नहीं। इस खबर पर बनी रहेगी बकवास न्यूज की नजर आप बने रहे हमारे साथ।
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©BakwasNews


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