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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
जवाब सुनकर लोगों को गुस्सा आ गया, वो बस ड्राइवर को पीटने ही वाले थे कि एकाएक ड्राइवर चिल्लाया, भइया मारना मत, मुझे एक ज्योतिषी ने बोला कि मंगलवार को बस जल्दी मत चलाना, कम से कम एक घंटा देरी से चलना, अगर ऐसा नही किया तो बस में सवार 15 यात्रियों की मौत हो जाएगी, अब ज्योतिषी ने ऐसा क्यों बोला था ये उसी से पूछ लीजिए, वो भी बस में ही बैठे हुए हैं
मामला जब ज्योतिष से जुड़ गया तो ज्यादातर लोग चुपचाप पीछे हट गए, फुसफुसाहट भरी आवाज़ में सुनने को मिला कि अगर ज्योतिष ने बोला होगा तो ठीक ही बोला होगा, लेकिन उनमें से कुछ लोग अब भी नाराज़ थे, कि क्या फालूत की बात के लिए बस को रोक दिया, जो लोग इसके समर्थन में थे उन्होंने नाराज़ लोगों को कहा कि छोड़ो रहने दो, धर्म-कर्म के मामले में सवाल नहीं उठाना चाहिए, ज्योतिषी ने कहा होगा तो जरूर ग्रह-नक्षत्रों की कोई दशा उस वक्त रही होगी
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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
हालांकि बस के डेढ़ घंटे तक रूके रहने के बाद इस पर सियासत भी शुरू हो गयी है, बकवास न्यूज़ से बात करते हुए विपक्ष के एक नेता ने कहा कि बस लगभग लगभग 1 घंटे से ज़्यादा खड़ी रही, जिस कारण से कई यात्रियों को तो परेशानी हुई ही लेकिन राज्य को आर्थिक नुक़सान भी हुआ।इस आर्थिक नुक़सान की भरपाई कौन करेगा! इसके लिए सरकार को जवाब देना चाहिए और अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ड्राइवर पर तुरंत एक्शन होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो वो इस मामले को दिल्ली तक उठाएंगे।
©BakwasNews


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