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| 5 साल में रिसर्च पूरी करने वाले रोहित को देखने के लिए जेएनयू में छात्रों की भीड़ उमड़ी |
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में शुक्रवार को एक अनोखी चीज देखने को मिली। जेएनयू के एक छात्र ने अपनी रिसर्च को महज पांच साल में पूरा करके अपने प्रोफेसर को सौंप दिया। रोहित नाम के इस छात्र के द्वारा सिर्फ पांच साल में रिसर्च पूरा होने से प्रोफेसर हैरान रह गए, जेएनयू में किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि कोई छात्र महज पांच साल में रिसर्च को कैसे पूरा कर सकता है। रोहित इतनी जल्दी रिसर्च पूरी कर लेगा, ये प्रोफेसर ने भी नहीं सोचा था, इसलिए उन्होंने उसके रिसर्च पेपर को बिना देखे ही ठुकरा दिया, क्योंकि जेएनयू में आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि पांच साल में किसी ने रिसर्च पूरी कर ली हो
प्रोफेसर ने रोहित को समझाते हुए बताया कि जेएनयू में पढ़ने वाले कन्हैया, शैला रसीद, उमर खालिद जैसे छात्रों ने अपनी रिसर्च को पूरा करने में कई साल लगाए थे, ऐसे में ये यकीन करना मुश्किल है कि तुमने अपनी रिसर्च को सही तरीके से पूरा किया है, ज़रूर तुमने कहीं ना कहीं गड़बड़ी की है
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| कन्हैया कुमार और शहला रशीद |
पांच साल में रिसर्च पूरी करने की खबर जेएनयू में आग की तरह फैली, दूसरे डिपार्टमेंट के लोग भी सारे काम धाम छोड़कर बाहर आ गए, देखते हुए देखते जेएनयू के गंगा ढाबा के पास प्रोफेसर और छात्रों की भी़ड़ इकट्ठा हो गई। हर कोई एक दूसरे से चर्चा करता देखा गया कि रोहित ने अपनी रिसर्च को इतना जल्दी कैसे पूरा किया। चाय पीते हुए कई प्रोफेसर ने कहा कि रोहित ऐसा कैसे कर सकता है।
पांच साल में रिसर्च पूरी होने पर कई छात्र चिंता में दिखे। छात्रों का कहना था कि अगर रिसर्च पांच साल में पूरी होने लगी तो उनका क्या होगा। एक छात्र ने कहा कि इतना जल्दी रिसर्च पूरी होने का मतलब है कि यूनिवर्सिटी से बाहर जाना, जो कि गलत होगा। सभी छात्रों को एकजुट होकर ऐसे छात्रों का विरोध करना चाहिए जो महज पांच सालों में रिसर्च पूरी कर लेता हैं।''
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| रोहित के खिलाफ प्रदर्शन करते कन्हैया कुमार, उमर खालिद और उनके साथी |
बकवास न्यूज से बात करते हुए, प्रोफेसर ने कहा कि छात्र ने महज पांच सालों में रिसर्च को पूरा कर लिया, जो संभव नहीं है। प्रोफेसर ने शक ज़ाहिर करते हुए पूरे भरोसे के साथ कहा कि या तो रोहित ने कहीं से नकल की है, या उसकी रिसर्च में कुछ गलत है, क्योंकि नामुमकिन काम को पूरा करना वो भी रोहित जैसे छात्र के लिए तो मुमकिन ही नहीं है, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों और पूर्व छात्रों के अलावा वहां के प्रोफेसर्स भी ये जानने को बेकरार हो गए हैं कि रोहित ने पांच साल में रिसर्च पूरी करने का जो कारनाम कर दिखाया है, उस रिसर्च में है क्या, सूत्रों से खबर मिली है कि रात में छात्रों की कुछ टोलियां रोहित के हॉस्टल के कमरे के आस पास चक्कर लगाते दिखी है
©BakwasNews
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