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| 30 जून को आधी रात में पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने GST लागू होने का एलान किया था |
मोदी सरकार ने एक साल पहले जीएसटी लागू किया था। जीएसटी लागू करने के बाद सरकार ने इसमें कई बदलाव किए जिसके बाद काफी कंफ्यूजन हुआ। एक साल बाद भी देश के ज्यादातर लोगों का दावा है कि उन्हें अभी तक जीएसटी समझ में नहीं आया है, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिनका दावा है कि जीएसटी उन्होंने घोंट कर पी लिया है, कहने का मतलब है कि जीएसटी की पूरी एबीसीडी उनके दिमाग में बैठ चुकी है, जिन्हें जीएसटी पूरी तरह समझ आ चुका है उनके लिए बड़ी खुशखबरी है, UN यानी संयुक्त राष्ट्र ने उन लोगों को सम्मानित करने का फैसला किया है जिन्हें अब जीएसटी के नाम पर कोई उल्लू नहीं बना सकता
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| जीएसटी लागू करते वक्त एक देश, एक टैक्स की बात कही गयी थी |
संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले के बाद मोदी सरकार उन लोगों की तलाश में लग गयी है जिन्हें सम्मान दिलाया जा सके, सिर्फ दिल्ली-दिल्ली में ही हज़ारों की संख्या में भक्तों ने आवेदन भेज दिया है, उनका दावा है कि जीएसटी का जबरन समर्थन हर जगह करते-करते उन्हें ना सिर्फ जीएसटी का इतिहास भूगोल पता चल चुका है बल्कि अब तो उसकी काट भी तैयार हो चुकी है, कई भक्त तो ऐसे भी मिलें जो बाकायदा जीएसटी हेल्पलाइन चला कर अपना धंधा चमका चुके हैं, भीतरी सूत्रों से ये भी पता चला है कि उन लोगों ने भी आवेदन किया है जिसने देखा-देखी में भी फेसबुक पर जीएसटी लिख दिया था क्योंकि कहा जा रहा है कि जीतने वाले को एक लाख डॉलर का इनाम भी यूएन देने वाला है
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| संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में 193 सदस्य देश हैं |
दरअसल संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि जीएसटी को समझना पिछले एक साल में दुनिया के सबसे मुश्किल कामों में से एक रहा है, यूएन की तरफ से घोषित और अघोषित बीजेपी के प्रवक्ताओं को इसमें शामिल होने पर बैन लगाया गया है, खासतौर पर संबित पात्रा उनके निशाने पर हैं, यूएन के अधिकारी उन पर पिछले साल जीएसटी लागू होने के वक्त से ही नज़र बनाए हुए हैं, क्योंकि कई बार उन्होंने देखा है कि संबित पात्रा कुतर्कों के ज़रिए भी बहस में बने रहते हैं, लेकिन वित्त मंत्रालय संभाल चुके हर नेता को इसमें शामिल होने की छूट है
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| बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा |
बकवास न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक, यूएन की एक टीम जल्द ही भारत आने वाली है और उनलोगों के टेस्ट लेने वाली है जिनका दावा है कि जीएसटी उन्हें पूरी तरह समझ आ गयी है, बताया जा रहा है कि इसके लिए एक लिखित परीक्षा होगी, फिर जीडी यानी ग्रुप डिस्कशन भी होगा, आखिर में इंटरव्यू के ज़रिए तय किया जाएगा कि वाकई में जीएसटी का पूरा ज्ञान किसे है, यूएन का ये अभियान गांव से लेकर बड़े-बड़े शहरों में चलाया जाएगा। लेकिन, साफ कहा गया है कि सरकार या किसी दूसरे की तरफ से टीवी पर इसके लिए विज्ञापन नहीं दिए जा सकेंगे, सम्मानित करने के लिए मुख्य अतिथि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हो सकते हैं
©BakwasNews
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