जियो यूनिवर्सिटी ने फैसला किया है कि वो शुरू होने के बाद सबसे पहले कौन सा कोर्स शुरू करेगी... यूनिवर्सिटी ने तय किया है कि वो सबसे पहला कोर्स बिना काम किए माहौल कैसे बनाया जाए विषय पर शुरू करेगी... और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका पहला लेक्चर लेने आएंगे... प्रधानमंत्री सिखाएंगे कि आखिर कैसे बिना काम किए भी माहौल बनाया जा सकता है... जियो यूनिवर्सिटी ने अस्तित्व में आने से पहले ही विशेष यूनिवर्सिटी का तमगा हासिल कर चुकी है... माना जा रहा है कि बीजेपी सरकार के कई मंत्री इसका सिलेबस बनाने के लिए राय दे रहे हैं... ये मंत्री बताएंगे कि आखिर कैसे बिना कुछ किए सिर्फ बोल कर भी समाज में माहौल बनाया जा सकता है... कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्स का नाम एंटायर मार्केटिंग साइंस रखना चाहिए... हालांकि अभी नाम पर आखिरी फैसला नहीं लिया गया है...
जियो यूनिवर्सिटी बनने से पहले ही सबसे खास शिक्षण संस्थान बनने वाली पहली यूनिवर्सिटी है... कुछ बीजेपी समर्थकों ने ये भी कहा है कि ये मोदी जी का ही प्रताप है जो संस्थान बनने से पहले ही हिट हो रहे हैं... कांग्रेस के राज में तो कई साल की मेहनत के बाद भी संस्थानों का कोई नाम नहीं हो पाता था... लेकिन जियो यूनिवर्सिटी और मोदी ने साबित कर दिया है कि अब कांग्रेस के बुरे दिन गए... आईआईटी और आईआईएम के कुछ छात्रों ने भी जियो यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया है...
प्रधानमंत्री ने कहा है कि आज भारत को ऐसे ही संस्थानों की ज़रूरत है जो शुरू होने से पहले ही मशहूर हो सकें... मोदी ने कहा है कि जियो यूनिवर्सिटी गुजरात मॉडल का जीता जागता रूप है,... दूसरे राज्यों को भी इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए... माना जा रहा है जियो यूनिवर्सिटी शुरू करने में उन्हीं विशेषज्ञों की राय ली गई है जिन्होंने लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में राय दी थी जहां बिना गाय भैसों के ही नेता चारा खा गए थे... हालांकि जियो यूनिवर्सिटी अभी अस्तित्व में नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि सरकार से 1000 करोड़ मिलने के बाद ये बनना भी शुरू हो जाएगी
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