उत्तर भारत में रेतीले तूफान ने आम लोगों को काफी परेशान किया। इस परेशानी से बचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया और तूफान का नाम बदलकर विकास कर दिया। चार सालों से विकास का इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी थी कि अब विकास आने वाला है। हर कोई इस विकास यानि तूफान को देखना चाहता था। लोग घरों की छत्तों पर चढ़ गए। लेकिन विकास यानि तूफान लेट हो गया। इस बारे में विपक्ष ने सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए। मौसम विभाग के अनुसार तूफान यानि विकास राजस्थान से चल चुका है और कुछ ही घंटों में दिल्ली आ जाएगा। लेकिन ये विकास बहुत धीमे था। कई घंटे बाद भी जब तूफान यानि विकास ने देश की राजधानी में दस्तक नहीं दी तो लोगों ने सरकार को निशाने पर लिया। सोशल मीडिया पर तूफान यानि विकास की आलोचना की जाने लगी। तभी किसी ने कहा कि तूफान को हरियाणा वालों ने रोक लिया है कुछ लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं। लोगों ने कहा है कि पहले आरक्षण दो फिर तूफान यानि विकास को दिल्ली जाने देंगे।
कुछ ही देर में विकास ने हरियाणा में रेत भरी आंधी चला दी तो लोगों ने तूफान यानि विकास को दिल्ली की ओर भगाया। लोगों के घरों में रेत घूस गया और आम लोग काफी परेशान हो गए। इसलिए लोगों ने सरकार से हाथ जोड़कर अपील की कि इस विकास को वापस ले जाओ। कुंवारे लोगों को घरों में झाड़ू निकालना पड़ा रहा था, जो उन्हें कतई पसंद नहीं आया। सरकार के खिलाफ गुस्सा भी दिखाया और सोशल मीडिया पर कई लोग धरने पर बैठे।
कुछ लोगों ने गुस्सा दिखाया तो आम आदमी पार्टी ने अपील की कि हमें चंदा दे कर गुस्से को शांत किया जा सकता है। तूफान के कारण किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। इस पर सरकार ने अपनी पीठ थपठपाई, कहा- देखा हमें नाम बदली कर दिया नहीं तो कुछ भी हो सकता था। ..वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि सरकार ने तूफान पर जीएसटी लगा दिया था इसलिए जनता को कोई नुकसान नहीं हुआ। नाम बदलने का असर ये हुआ कि दिल्ली में बुधवार को एक सड़क का नाम भी बदल गया, अब देखना होगा, देश में कितनी चीजों के नाम बदली किए जाते हैं।
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