जल्द ही
सरकार ओला-ऊबर ड्राइवरों के लिए नया नियम जारी करने जा रही है, इस नियम के तहत उन्हें ड्राइविंग की जगह हथियार का लाइसेंस दिया जाएगा...
पिछले कुछ दिनों में ओला-ऊबर ड्राइवरों की बाढ़ और खतरनाक ड्राइविंग की वजह से
सरकार ने ये फैसला लिया है... माना जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र भी खतरनाक
ड्राइविंग को आतंकी कार्रवाई के तौर पर मान सकता है.... ऐसा हुआ तो कमर्शियल
ड्राइविंग करने वाले ज़्यादातर ड्राइवर आतंकवादी घोषित हो सकते हैं.
दूसरी तरफ
सरकार प्राइवेट टैक्सी को हथियार भी घोषित कर सकती है, सरकार
का मानना है कि ये ड्राइवर अपनी गाड़ियों को उसी खतरनाक ढंग से चलाते हैं जैसे
अपराधी हथियारों को... दिल्ली में रहने वाले अखिल कुमार ऐसी ही ड्राइविंग का शिकार
हुए... अखिल अपनी बाइक से यमुना पुल से जा रहे थे तब दो-तीन टैक्सी ड्राइवरों ने
सड़क पर ऐसे पैंतरे दिखाए के अखिल ने डर कर यमुना में छलांग लगा दी... ड्राइवर हंस
कर निकल गए और अखिल यमुना के कीचड़ में फंस गया, सरकार को ये भी सूचना मिली है
कि कई प्राइवेट अस्पताल प्राइवेट टैक्सी कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं,
और खतरनाक ड्राइविंग से आने वाले मरीज़ों पर इन कंपनियों को कमीशन
भी मिलेगी. कुछ RWA तो बाकायदा इन कमर्शियल ड्राइवरों को यम
लाइसेंस देने की मांग कर रही हैं... खास तौर पर दिल्ली में चलने वाली नारंगी रंग
की बसें... जो कई बार दिल्ली वालों को यमराज के भैंसे जैसी भी नज़र आती हैं...
©BakwasNews



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