71 की जंग के वक्त क्या कर रहे थे इमरान खान जब हिंदुस्तान ने 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को जीवनदान दिया था
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| पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान |
पाकिस्तान के आतंकवादियों ने गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हमला कर दिया। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए। लेकिन पाकिस्तान यह भूल गया कि भारत ने साल 1971 में उनके 90000 जवानों को रिहाई दी थी। मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान हैं उस वक्त महज 8 साल के थे। आज वह भारत के बारे में बातें करते हैं, नफरत भरी बातें करते हैं। भारत को शांति की बात सिखाते हैं। एटमी ताकत वाला देश होने की बात याद दिलाते हैं, वह भूल गए कि शांति की पहल हिंदुस्तान पहले कर चुका है। हर बार हमला पाकिस्तान की तरफ से होता है। हर बार धोखा पाकिस्तान की तरफ से दिया जाता है। इमरान खान 71 की जंग के वक्त पहली क्लास के छात्र थे, उस वक्त उन्हें डर होता था कहीं उनकी टीचर उनकी पिटाई ना कर दे। पाकिस्तान के आर्थिक हालात उस वक्त भी बेहद कमजोर थे जैसे आज हैं। गांव में इक्का-दुक्का रेडियो हुआ करता था। रेडियो के जरिए 2 दिन पुरानी खबर पाकिस्तान में पहुंचती थी और उस वक्त बताया जाता था हिंदुस्तान की फौज ने पाकिस्तान को नाकों चने चबा दिए हैं।
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भारत ने पाकिस्तान का भूगोल बदल कर इतिहास रच दिया था लेकिन पाकिस्तान आज भूल गया है कि आतंकवाद कभी किसी का भला नहीं करता है। आतंकवाद में बहता है खून और यह खून हर किसी का निकलता है। जाने जाती हैं, किसी की मां की कोख उजड़ जाती है तो किसी की मांग। तो किसी के सर से उठ जाता है अपने पिता का साया। जिस शख्स को आप अपने सामने देखते थे उसको दीवार पर लटकी फोटो में देखना पड़ता है और फोटो पर चढ़ी होती है फूलों की माला और नाम के आगे लिख दिया जाता है शहीद।
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| 1971 की जंग में जनरल नियाजी ने 90 हजार सैनिकों के साथ भारत के सामने सरेंडर कर दिया था |
©BakwasNews


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