उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके चाचा शिवपाल यादव इतने नराज़ हुए की सैफई के एक सूखे कुएं में जाकर छुप गए. बेचारे अखिलेश को जब पता चला कि चच्चा तो कुएं में निकल लिए तो भागे-भागे वहां पहुंचे. लाख मिन्नतें की... लेकिन चच्चा थे कि मानने का नाम ही नहीं ले रहे थे. अब अखिलेश भी ठहरे यादव, सो गुस्सा आ गया.फौरन लखनऊ से सरकारी जेट में क्रेन मंगाई गयी. लेकिन तब मुश्किल और ज्यादा आन खड़ी हुई जब क्रेन शिवपाल का वज़न ना उठा पायी.
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ज़ाहिर है मुलायम के बाद अगर यादव परिवार में कोई भारी है तो वो हैं चच्चा शिवपाल. अरे भई पहलवानी कम करनी पड़ती है उन्हें इस उमर में भी आकर. सारे गुंडो की हाज़िरी चच्चा शिवपाल के पास ही लगती है. सारे बाहुबलियों को चच्चा शिवपाल ही उठा कर चलते हैं. अब ताज़ा मामला मुख्तार अंसारी के भाई का ही ले लो. कहने को तो पार्टी का नाम कौमी एकता दल है. अध्यक्ष अफजाल अंसारी हैं लेकिन असल में राजा तो मुख्तार अंसारी है, अफजाल तो उनके खड़ाऊं माफ कीजिएगा जूती को अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाकर काम काज करते हैं. अब भला आज के जमाने में ऐसा भाई कहां मिलता है कि जेल में बंद भैय्या का इतना मान सम्मान करे. खैर चच्चा शिवपाल ने पार्टी कि विलय कराया तो भतीजे अखिलेश बिदक गए. फौरन विलय कैंसल करवा दिया. बस इसी बात पर चच्चा शिवपाल नाराज़ थे.
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तो भई हम थे सैफई के एक सूखे कुएं में. मतलब वहां जहां क्रेन भी शिवपाल को ना उठा पायी. साथ में मौजूद अधिकारी बोले कि सर अपने चच्चा को एक बार हुंकार दे दीजिए. पहलवानी वाला दिमाग है, जांघ पर थपकी पर भी मार लीजिए चुनौती देखकर अप्पे से बाहर जाएंगे. तरकीब काम कर गयी. लेकिन बेचारे अखिलेश को धोबी पाट का सामना करना पड़ा. वो भी सोच रहे हैं राहुल गांधी की तरह एक डेढ़ महीने थाइलैंड में बिता आए. मालिश की ज़रूरत उन्हें महसूस हो रही है
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