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| गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई |
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साल 2019 लोकसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। तमाम पार्टियां जीत के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। वहीं, हर नेता अपना भविष्य तलाश रहा है। हालात के हिसाब से नेता दलों को बदलना बखूबी जानते हैं। राजनीतिक पार्टियां भी जीतने वाले कैंडिडेट को ही टिकट दे रही हैं। जीतने वाले कैंडिडेट को ही पसंद कर रहे हैं और टिकट उन्हें ही दिया जा रहा है, जिन पर यह भरोसा है कि वह जीत जाएंगे। इसी बीच सालों साल किसी पार्टी की सेवा करने वाले नेताओं को जब टिकट नहीं मिलता तो वह उस पार्टी का साथ छोड़कर दूसरी पार्टी का दामन थाम लेते हैं। वो पार्टी का साथ छोड़ने में देरी नहीं लगाते हैं। ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है जो एक पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में चले गए या जाने की तैयारी कर रहे हैं। और दल बदल के इस खेल में सबसे ज्यादा अगर कोई परेशान होता है तो वो है बेचारी जनता, क्योंकि नेताजी के पलटी मारने से उन्हें कंफ्यूजन हो जाती है
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| टॉम वड़क्कन कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए हैं |
पिछले कुछ दिनों में देशभर में कई नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टी छोड़ कर अपनी विरोधी पार्टियों में शामिल हो गए हैं, लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि कौन सा नेता, किस पार्टी का है इसी को देखते हुए गूगल ने एक नया मोबाइल एप जारी किया है। गूगल ने अपने इस एप में कई तरीके के फीचर डाले हैं। जिसके मुताबिक आप जब भी किसी नेता का नाम डालेंगे तो सबसे पहले एप ये बताएगा कि इस घंटे वो किस पार्टी में हैं, यही नहीं जैसे ही कोई नेता दूसरी पार्टी से डील करने की सोचता भी है तो एप जान जाएगा और फिर वो जनता को अलर्ट भी कर देगा कि नेताजी की दूसरी पार्टी से सेटिंग हो गयी है, गूगल का मानना है कि लोकतंत्र के महापर्व में जब तक जनता को नेता की पार्टी का पता नहीं चलता है तब तक कोई भी किसी को भी वोट नहीं दे सकता। इसी को देखते हुए गूगल ने बड़ी मेहनत के बाद इस एप को खास तौर से भारत की पलटू राजनीति को ध्यान में रख कर बनाया है, हालांकि गूगल ने पूरी कोशिश की है कि उसके एप से किसी को कोई परेशानी ना हो लेकिन कुछ नेता ऐसे हैं जो इस एप से बेहद नाराज़ हैं
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कुछ नेता नाराज़ क्यों हैं, आपको बताते हैं, कई सालों से एक पुरानी पार्टी में रहे एक नेता ने अपनी पार्टी को अलविदा कहकर एक दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया। लोग अब भी इस नेता को उसी पुराने पार्टी के नाम से जानते थे और कई लोग मन बना रहे थे कि नेता जी को ही वोट दिया जाए। लेकिन जब उन्हें पता चला कि नेताजी बदल गए हैं और बदलते हुए उन्होंने दूसरी पार्टी अपना ली है तो लोगों ने अपना वोट बदलने का फैसला कर लिया। यह सब हुआ गूगल के इस नए एप की वजह से , अब नेताजी इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि जिन लोगों को ये कभी पता नहीं चलता कि उन्होंने पार्टी बदली है अब उन्हें फौरन पता चल गया
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बकवास न्यूज से बात करते हुए एक नेता का कहना था कि वह सालों साल एक पार्टी की सेवा करते हैं। अगर उन्हें टिकट नहीं दिया जाता तो ऐसे में वह क्या करें, इसी को देखते हुए उन्होंने फैसला किया है कि वह अब दूसरी पार्टियों की तरफ रुख करेंगे। लेकिन गूगल फिलहाल उनके लिए फायदेमंद नहीं हो रहा है। वही जनता गूगल से पूरी तरीके से खुश है क्योंकि उन्हें इस नए एप के जरिए नेताओं की सच्चाई के बारे में जाने को मिल रहा है और जब भी सच्चाई पता चलती है तो खुश होना लाजमी है। इस पूरी खबर पर बनी रहेगी बकवास न्यूज की नजर आप बने रहे हमारे साथ।
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