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पीओके के पीएम ने जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए बीजेपी को दिया गठबंधन का प्रस्ताव, रखी है अजीबोगरीब शर्त

Farooq Haider Khan prime minister of Pakistan occupied Kashmir
PoK के प्रधानमंत्री फारूख हैदर खान
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और बीजेपी गठबंधन के टूट जाने के बाद राजनीतिक अस्थिरता का माहौल हो गया है, एक ओर जहां बीजेपी सरकार बनाने की जोड-तोड़ में लग गयी है वहीं कांग्रेस और नेशनल कांग्रेस भी सरकार बनाने के फॉर्मूले तलाशने में जुट गए हैं, बीजेपी का कहना है कि उन्हें नए साथियों के साथ गठबंधन कर जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने से कोई परहेज़ नहीं है, जब वो अपनी उलट विचारधारा वाली पीडीपी से हाथ मिला सकते हैं तो फिर वो किसी के साथ भी जाकर सरकार बना सकते हैं, बीजेपी नेताओं के इन बयानों को सुनकर पाकिस्तानी कब्ज़े वाले कश्मीर के प्रधानमंत्री फारूख हैदर खान ने बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया है, पीओके के पीएम का कहना है कि वो भी चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में जम्हूरियत कायम रहे, इसलिए वो सरकार बनाने में बीजेपी के साथ गठबंधन को तैयार हैं, फारूख हैदर खान के मुताबिक इसके लिए पाकिस्तान की सरकार के साथ-साथ उनकी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी राज़ी है

पाकिस्तानी कब्ज़े वाले कश्मीर के पीएम ने बीजेपी को समर्थन देने की बात कही तो है लेकिन इसके साथ एक शर्त भी रख दी है, शर्त बड़ी अजीबोगरीब है, शर्त ये है कि हर हफ्ते हिंदुस्तान उन्हें पुरानी दिल्ली के मोती महल की स्पेशल दाल भिजवाएगा, अगर मोदी सरकार को ये शर्त मंज़ूर है तो फिर वो जम्मू-कश्मीर में बीजेपी को ना सिर्फ सरकार बनाने में समर्थन देंगे बल्कि पीओके में महीने में एक बार सर्जिकल स्ट्राइक करवाने के लिए भी तैयार हैं, हालांकि सर्जिकल स्ट्राइक वाली बात उन्होंने सार्वजनिक नहीं करने को कहा है

famous dal makhni of old Delhi's moti mahal restaurant in daryaganj
पुरानी दिल्ली के दरियागंज में मौजूद मोती महल रेस्टोरेंट की मशहूर दाल
आपको बता दें कि पुरानी दिल्ली के मोती महल की दाल के दीवाने दुनिया के कई बड़े राष्ट्राध्यक्ष रहे हैं, पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना को मोती महल की दाल इतनी पसंद थी कि बंटवारे के बाद भी वो ये दाल पाकिस्तान में मंगवाते रहे, भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, ज़ाकिर हुसैन भी मोती महल की दाल के चाहने वाले रहे हैं, यही नहीं अमेरिका राष्ट्रपति रिच्रड निक्सन, जॉन एफ केनेडी भी यहां आ चुके हैं, मौलाना आज़ाद तो इसके इतने बड़े दीवाने थे कि उन्होंने ईरान के शाह को यहां तक कह दिया था कि अगर वो भारत दौरे पर आएं तो दो जगहों पर ज़रूर जाएं, पहला ताजमहल और दूसरा मोती महल

old Delhi's moti mahal restaurant in daryaganj
पुरानी दिल्ली के दरियागंज में मौजूद मशहूर मोती महल रेस्त्रां
©BakwasNews

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