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| 31 जुलाई 2017 की तस्वीर जब पीएम और राष्ट्रपति ने जीएसटी लागू होने का ऐलान किया था |
मोदी सरकार ने जीएसटी पर बड़ा फैसला लेते हुए धार्मिक स्थलों पर जीएसटी न लगाने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी के भक्तों में खुशी की लहर है। भक्तों ने भी सरकार से मांग की है कि उनसे भी जीएसटी टैक्स न लगाया जाए। भक्तों ने कहा है कि उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं है। वो भी उतने ही भक्त हैं, जितना कोई ओर। हालांकि, भक्तों की मांग पर मोदी सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है। भक्तों का कहना है कि सरकार ने बहुत अच्छा फैसला लिया है। सारे बीजेपी के भक्त धार्मिक काम करते हैं। उनसे ज्यादा पार्टी की भक्ति नहीं की है। इसलिए सरकार को घोषणा कर देनी चाहिए कि उन पर भी जीएसटी टैक्स नहीं लगेगा। भाजपा की भक्ति करने के कारण वो भी धार्मिक लोग हो गए हैं। धार्मिक होने के कारण उन्हें जीएसटी टैक्स से छूट दी जाए।

बता दें, पंजाब में सिक्खों की मांग को मानते हुए अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के लंगर को जीएसटी टैक्स से मुक्त कर दिया। साथ ही मोदी सरकार ने करीब 300 करोड़ रुपए का जीएसटी वापस दिए जाने का भी फैसला किया है। इसी फैसले के बाद भक्तों में जोश आ गया है। भक्तों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। हालांकि, गर्मी होने के कारण कोई भक्त घर से बाहर तो नहीं लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार खुशी का इजहार किया जा रहा है, जिस तरह से कई लोगों को चुनाव से पहले कई सारे वादे पूरे होने की उम्मीद जगती है ठीक उसी प्रकार से भक्तों को भी जीएसटी मुक्त होने की उम्मीद जगी है।
©BakwasNews
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