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| एलजी ऑफिस के वेटिंग रूम में सोफे पर सोए अरविंद केजरीवाल और दूसरे मंत्री |
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अपने रिश्ते सुधारने के लिए एलजी अनिल बैजल ने ऐतिहासिक फैसला किया है, केजरीवाल और उनके बीच जो खींचतान शुरूआत से ही चल रही है, उसे कम करने के लिए एलजी ने जो किया है उसे राजनीतिक पंडित बेहद बोल्ड कदम मान रहे है, उनके ऑफिस के वेटिंग रूम में जिस सोफे पर अरविंद केजरीवाल ने नौ दिनों तक धरना दिया उस सोफे को एलजी ने दिल्ली म्यूज़ियम में रखवाने का फैसला किया है जिससे भविष्य में लोगों को पता चल सके कि दिल्ली में एक मुख्यमंत्री ऐसा भी हुआ था जिसने उप राज्यपाल के सामने धरना देने से भी परहेज़ नहीं किया, वैसे कहा जाता है कि केजरीवाल सिर्फ एक चीज़ से ही परहेज़ करते हैं, दूसरों की बातों को सही मानने में, एलजी ऑफिस में मौजूद बकवास न्यूज़ के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अनिल बैजल एक तीर से दो शिकार कर रहे हैं, पहला ये कि लोगों में संदेश जा रहा है कि वो अरविंद केजरीवाल की बात सुन रहे हैं, दूसरा ये कि सोफा बहुत पुराना हो गया था इसी बहाने अब नया सोफा लग जाएगा
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| दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल के साथ अरविंद केजरीवाल |
कहा जा रहा है कि एलजी अनिल बैजल ने केजरीवाल के धरने वाले सोफे की फाइल को क्लीयर करने में सिर्फ दो मिनट लगाए हैं, जबकि अमूमन दूसरी फाइलें सालों उनके ऑफिस में धूल खाती रहती हैं, लेकिन एलजी के इस फैसले पर भी अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठा दिए हैं, साथ ही कुछ शर्तें भी रख दी हैं, केजरीवाल का कहना है कि एलजी ने ये फैसला भी उनकी मर्ज़ी के बगैर लिया है, इसमें भी उनसे सलाह नहीं ली गयी, केजरीवाल की तीन शर्तें हैं
- सोफा को म्यूज़ियम में रखने से पहले आम आदमी पार्टी के दफ्तर में रखा जाएगा जहां लोग उसे जी भर के देख लें, क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं है कि म्यूज़ियम में रखे जाने पर उसे लोगों को आसानी से दिखाया जाएगा
- चूंकि सोफा उनके धरने की वजह से मशहूर हो गया है और उन्होंने उस पर उछल-कूद भी नहीं की थी, सिर्फ बैठे या लेटे रहे थे, इसलिए उन्हें इस बात का हक है कि इसके नाम पर पार्टी फंड के लिए चंदा लिया जाए
- तीसरी शर्त ये है कि उन्हें जब भी इच्छा होगी वो म्यूज़ियम में जाएंगे और सोफे पर दो-तीन धरना देकर देखेंगे की उन्हें वही वाली फील आ रही है कि नहीं जो एलजी ऑफिस के वेटिंग रूम में आती थी, इससे इस बात का पता चल जाएगा कि सोफा वही वाला है, ना की उसकी नकल रखी गयी है
अरविंद केजरीवाल की इन मांगों पर फिलहाल एलजी अनिल बैजल ने कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है लेकिन माना जा रहा है कि तीन में पहली दो मांगों को वो मान लें, वहीं त्रों से पता चला है कि कई लोग इस बात से भी हैरान हैं कि कोई शख्स लगातार नौ दिनों तक एक कमरे में कैसे रह सकता है और वो भी एक सोफे पर। कहा जा रहा है कि इस सोफे में जरूर कुछ खास बात होगी जिससे नौ दिनों तक उसने केजरीवाल जैसे नेता को झेल लिया
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एलजी ऑफिस में धरने पर बैठे सत्येंद्र जैन, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और गोपाल राय
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बताया जा रहा है कि नौ दिनों तक केजरीवाल द्वारा इस्तेमाल किए गए सोफा को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सोफा का रंग भी पहले जैसा ही बताया जा रहा है। फोटो में देखने से साफ पता चलता है कि इस सोफे पर केजरीवाल के अलावा उनके मंत्री भी आराम कर रहे थे। सभी को ये सोफा बेहद पसंद था। लोगों की दिलचस्पी ये जानने में बढ़ गयी है कि आखिरकार इस सोफे को किस कंपनी ने बनाया था
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