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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
ऑफिस जाने के लिए लोग अक्सर अपनी बाइक या कार का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, बेंगलूरु में शनिवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। एक शख्स घोड़े पर बैठकर अपने ऑफिस पहुंचा, पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रूपेश कुमार वर्मा के घोड़े पर ऑफिस आने से लोग हैरान रह गए, यहां तक की एचआर के लोग गप्पें मारना छोड़ रूपेश को देखने पहुंच गए, घोड़े पर बैठे रूपेश के कंधे पर ऑफिस बैग, गले में टाई थी, घोड़े पर ऑफिस आए रूपेश की खबर आग की तरह पूरे ऑफिस में पहुंच गयी, लोगों ने मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाना शुरू कर दिया, कुछ तो सेल्फी लेने के लिए इतने उतावले हो रहे थे कि उन्हें वहां मौजूद एचआर डिपार्टमेंट के लोगों की भी फिक्र नहीं रही
अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म से लाखों लोग देख चुके हैं। जब लोगों ने रूपेश से पूछा कि वो घोड़े पर बैठकर ऑफिस क्यों आए तो उन्होंने इसकी वजह भी बताई। रूपेश का कहना था कि वो एक एनिमल लवर हैं और शाकाहारी भोजन को बढ़ावा देना चाहते हैं। उनका उद्देश्य एनिमल प्रॉडक्ट के इस्तेमाल को रोकना है, वो भी डाइट के रूप में। यही कारण है कि उन्होंने घोड़े से ऑफिस आने का फैसला किया, रूपेश ने घोड़े पर एक प्लेकार्ड भी लगा रखा था, इस पर लिखा था 'सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम का आखिरी दिन।'
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| प्रतीकात्मक तस्वीर - खबर की विश्वसनीयता के लिए इसे फोटोशॉप किया गया है |
दरअसल रूपेश का अपनी कंपनी में आखिरी दिन था, एचआर डिपार्टमेंट को शक है कि जितने भी ज़ुल्म उन्होंने रूपेश पर ढाए हैं उन्हीं का बदला लेने के लिए वो घोड़े पर बैठ कर आया है, शायद वो पूरी दुनिया के सामने एचआर वालो का भांडा फोड़ना चाहता है जिसमें कॉस्ट कटिंग के नाम पर खुद को छोड़ बाकी सभी कर्मचारियों को 5 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक की कैब नहीं दी जाती, एचआर में सीनियर मैनेजर पर काम करने वाली आयशा तो ज्यादा परेशान है क्योंकि 2 दिन पहले ही रूपेश से उसकी लड़ाई हुई थी कि उसे जब 25 किलोमीटर दूर अपने ब्वॉयफ्रेंड के घर जाने के लिए भी कैब मिलती है तो उसे 8 किमी दूर अपने घर जाने के लिए क्यों नहीं ?
वहीं रूपेश का कहना है कि उसे नौकरी छोड़ दी है और अब वो खुद का स्टार्ट अप शुरू करने वाले हैं, रूपेश के कुछ करीबी दोस्तों का कहना है कि आठ सालों से वो यहां नौकरी कर रहा था, बेंगलूरु की ट्रैफिक व्यस्था से भी वो काफी परेशान था, इसलिए हो सकता है कि घोड़े पर बैठकर ऑफिस आना उसका विरोध जताना हो
©BakwasNews
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