Fifa World Cup 2018 शुरू हो चुका है और पहले मैच में रूस ने शानदार जीत दर्ज की, लेकिन वर्ल्ड कप से पहले ही कई खिलाड़ियों में डर का माहौल है। कई खिलाड़ियो को फुटबॉल से डर लग रहा है। क्योंकि, फीफा वर्ल्ड कप में इस्तेमाल में की जाने वाली फुटबॉल पाकिस्तान में बनी है। कइयों को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं किसी ने फुटबॉल में बम न रखा दिया हो। बकवास न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप में इस बार पहली बार ऐसी फुटबॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें एक चिप लगी हुई है। इस चिप से हर कोई चिंतित है क्योंकि अगर इस चिप का कंट्रोल पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के हाथों में चला जाए तो कुछ भी हो सकता है
भले ही खिलाड़ियों में डर का माहौल है लेकिन चिप के बारे में वर्ल्ड कप आयोजकों का कहना है कि गेंद में इंटीग्रेटेड एनएफसी चिप लगाई गई है जो सीधे स्मार्ट फोन ले जुड़ी हुई है। इस चिप के जरिए खेल के संबंधी कई अहम जानकारियां हासिल की जा सकती हैं। दावा किया जा रहा है कि इस फुटबॉल को इसकी सतह 3D होने के कारण आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इस बार की फुटबॉल के बारे में ये भी दावा किया जा रहा है कि किक लगने के बाद फुटबॉल ज्यादा देर तक हवा में रहेगी। इसकी वजह से फुटबॉल की स्पीड को परखाना भी खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं होने वाला है।
फीफा वर्ल्ड कप में भाग रहे खिलाड़ियाों को दूसरा डर सता रहा है लाल रंग का, क्योंकि इस बार जिस फुटबॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है उसमें लाल रंग भी शामिल है, और सब जानते हैं कि लाल रंग खतरे की निशानी होती है, लेकिन खिलाड़ी सबसे ज्यादा परेशान हैं गेंद के पाकिस्तान में बने होने से, हालांकि कैमरे पर आकर अभी तक किसी खिलाड़ी ने इस बारे में अपने मन की बात नहीं कही है। लेकिन गेंद के सामने आते ही उनके चेहरे का उड़ा हुआ रंग बता देता है कि वो कितने डरे हुए हैं
यही नहीं कई बड़े खिलाड़ी जो बेहद तगड़ी किक मारने के लिए जाने जाते हैं उन्होंने किक मारना ही बंद कर दिया है, अगर इसकी जरूरत पड़ भी रही है तो वो धीरे से बस गेंद को पुश कर रहे हैं
©BakwasNews


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