![]() |
| प्रतीकात्मक तस्वीर |
बुधवार को लोग टीवी के सामने जमे रहे। देर रात तक टीवी के चैनल बदलते रहे। एक और भारत ने क्रिकेट के मैदान पर आयरलैंड को धोया तो वहीं दूसरी और भारतीय सेना को पाकिस्तान के आतंकवादियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करते देखा गया। मोदी सरकार ने बुधवार शाम सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो जारी कर दिए। वीडियो को सभी टीवी चैनल्स ने देर रात तक दिखाया। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के प्रवक्ताओं ने उन नेताओं पर निशाना साधा जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए थे। वीडियो को देखकर लोगों ने सेना के साहस की तारीफ की तो वहीं कुछ लोगों को किसी भी वीडियो में गाड़ीं बम धमाके से उड़ाती नहीं दिखी।
इसीलिए कुछ लोगों को वीडियो में कोई खास मजा नहीं आया। पाकिस्तान के आतंकियों को मारने के लिए सेना ने केवल बमों का इस्तेमाल किया। सेना ने पाकिस्तान की कारों और हेलीकॉप्टर को बम या मिसाइल से नहीं उड़ाया। मतलब साफ है इन सारे वीडियो में फिल्म मजा नहीं आया। वीडियो को कई बार कई टीवी चैनल्स पर देख चुके राज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार चाहती तो इन वीडियो को थोड़ा फिल्मी अंदाज में पेश कर सकती थी। कुछ लोगों को कहना है कि मोदी सरकार ने पाकिस्तान के आतंकियों के साथ असली मजा ले सकती थी। पाकिस्तान की कारों को उड़ाया जा सकता था। अगर वीडियो को शूटिंग करने के लिए रोहित शेट्टी को ले जाते तो वो एक से बढ़कर एक सलाह देते और पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान होने के साथ-साथ वीडियो देखने में लोगों को ज्यादा मजा आता।
![]() |
| रोहित शेट्टी की किसी फ़िल्म का दृश्य |
वीडियो में पाकिस्तान के आतंकवादियों के कैंपों को भारतीय सेना ने तहस-नहस कर दिया। लेकिन पाकिस्तान इसे अब भी मानने को तैयार नहीं है।


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें